एक हाथ में अर्थी, दूसरे में चप्पल मुड़ीगवा की सड़क ने दिखा दी विकास की हकीकत




शाहजहाँपुर ददरौल के मुड़ीगवा गांव में बदहाल सड़क से ग्रामीण बेहाल, खबर के बाद सड़क बनवाने का मिला भरोसा।
अगर आपको विकास की असली तस्वीर देखनी है, तो शहर की चमचमाती सड़कों से बाहर निकलकर ग्रामीण इलाकों का रुख कीजिए।
ददरौल क्षेत्र के मुड़ीगवा गांव में एक अर्थी को अंतिम यात्रा तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को जिस मुश्किल का सामना करना पड़ा, उसने गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी। कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते पर ग्रामीणों को एक हाथ में अर्थी और दूसरे हाथ में चप्पल लेकर चलना पड़ा।
ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के दौरान यह रास्ता इतना खराब हो जाता है कि आए दिन लोग फिसलकर गिरते हैं। आवागमन में सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को होती है।
खास बात यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद अब इस सड़क को बनवाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई है।
अब ग्रामीणों को इंतजार है कि आश्वासन कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क पर काम भी दिखाई दे।
कहने को तो यहां सड़क थी… अब उम्मीद है कि खबर के बाद सच में सड़क भी दिखाई देगी।



शाहजहांपुर से अजय सिंह की  रिपोर्ट

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