नई दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उपभोक्ता कार्य मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में चीनी मिलों से बाहर यानी एक्स-मिल कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। खुदरा बाजार में भी चीनी की कीमतों में नरमी का रुख शुरू हो गया है।
मंत्रालय ने घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कृत्रिम कमी, जमाखोरी तथा सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार देशभर में चीनी के दाम, स्टॉक और आपूर्ति की लगातार निगरानी कर रही है।
सितंबर से मौजूदा मासिक कोटा व्यवस्था की जगह पाक्षिक चीनी आवंटन प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत चीनी मिलों को निर्धारित आवंटन का कम से कम 40 प्रतिशत पहले सप्ताह में बाजार में उपलब्ध कराना होगा और शेष मात्रा अगले सप्ताह में जारी करनी होगी।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि मिलों से बिक्री के बाद चीनी को सात दिनों के भीतर बाजार की ओर भेजा जाए, ताकि आपूर्ति श्रृंखला में अनावश्यक देरी न हो।
सरकार के मुताबिक, नए चीनी सीजन में 15 अक्टूबर से गन्ने की पेराई शुरू होने की उम्मीद है। अक्टूबर में 10 लाख टन से अधिक और नवंबर में करीब 45 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। इससे घरेलू बाजार में आपूर्ति और मजबूत होने की उम्मीद है।
सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा चीनी की खरीदारी या भंडारण न करें।
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