नई दिल्ली औषधि विभाग ने फार्मा और मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने वाली PRIP योजना के तहत आवेदन का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की है। ₹5,000 करोड़ के वित्तीय प्रावधान वाली इस योजना का उद्देश्य भारत में फार्मा और मेडटेक क्षेत्र के अनुसंधान एवं विकास इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
योजना के तहत स्टार्टअप, MSME और बड़ी कंपनियों को नई दवाओं, जटिल जेनेरिक दवाओं, बायोसिमिलर और आधुनिक मेडिकल डिवाइस से जुड़े अनुसंधान एवं नवाचार के लिए सहयोग दिया जाएगा।
आवेदन को दो श्रेणियों में रखा गया है। शुरुआती चरण के प्रोजेक्ट के लिए स्टार्टअप और MSME को ₹5 करोड़ तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है, जबकि बाद के चरण के पात्र प्रोजेक्ट के लिए ₹100 करोड़ तक की सहायता का प्रावधान है।
मेडटेक के क्षेत्र में AI/ML आधारित मेडिकल डिवाइस, आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक, रोबोटिक सर्जिकल डिवाइस, टेलीमेडिसिन और नई इन-विट्रो डायग्नोस्टिक तकनीक जैसे क्षेत्रों को भी योजना में शामिल किया गया है।
औषधि विभाग के मुताबिक, PRIP योजना का उद्देश्य भारत को फार्मा और मेडटेक अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना और शोध को व्यावसायिक उपयोग तक पहुंचाने में मदद करना है।
दूसरे चरण के आवेदन के लिए PRIP पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया सितंबर 2026 के मध्य तक शुरू होने की जानकारी दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट शुभाष शास्त्री
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