शाहजहांपुर। अल्हागंज में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन क्लीनिक बंद कराए। आरोप है कि टीम के लौटने के महज दो घंटे बाद ही इनमें से कुछ क्लीनिकों में फिर मरीज देखने शुरू कर दिए गए। कार्रवाई के बाद बोर्ड हटाकर प्रतिष्ठानों को सड़क से पीछे कर कथित रूप से संचालन शुरू करने की बात भी सामने आई है। सवाल यह है कि जब टीम ने क्लीनिक बंद करा दिए तो उसके जाते ही दोबारा संचालन कैसे शुरू हो गया? क्या बंदी की कार्रवाई सिर्फ शटर गिराने तक सीमित थी या बाद में निगरानी की भी व्यवस्था थी। बताया जा रहा है कि करीब एक माह पहले छह क्लीनिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। जलालाबाद पुलिस को कार्रवाई के निर्देश के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। इससे आदेश के अनुपालन और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बंद कराए गए तीन क्लीनिकों में से एक पर बिना पंजीकरण एक्स-रे मशीन संचालित किए जाने का आरोप है। स्थानीय लोगों के अनुसार मशीन कथित तौर पर कई वर्षों से चल रही है। यदि आवश्यक अनुमति नहीं थी तो इतने लंबे समय तक संचालन कैसे हुआ, यह जांच का विषय है। अल्हागंज में करीब 30 से 35 क्लीनिकों की जांच की जा चुकी है। समापुर मोड़, बस स्टैंड और फर्रुखाबाद मार्ग के आसपास कई क्लीनिकों को नोटिस दिए गए हैं। छह के खिलाफ एफआईआर और तीन को बंद कराने की कार्रवाई हो चुकी है।
अब सवाल यह है कि कार्रवाई केवल कागजों और शटर तक सीमित रहेगी या आदेशों की अवहेलना और कथित अवैध संचालन पर भी जिम्मेदारी तय होगी।
शाहजहांपुर से अजय सिंह की रिपोर्ट
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