शाहजहांपुर। नगर निगम शाहजहांपुर में आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात सफाई कर्मचारियों की भर्ती और कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी द्वारा कराई जा रही जांच में अब तक 145 कर्मचारियों के नाम जांच के दायरे में आए हैं, जबकि 22 कर्मचारियों के अभिलेखों का सत्यापन कर उनका वेतन रोक दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम में कार्यरत कुछ बाबुओं, सफाई नायकों तथा अन्य कर्मचारियों के रिश्तेदारों और करीबियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्त किए जाने के आरोप सामने आए हैं। साथ ही यह भी आरोप है कि कुछ कर्मचारी बिना नियमित कार्य किए ही मानदेय प्राप्त करते रहे।
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि पिछले महीने करीब 45 कर्मचारियों को मौखिक निर्देशों के आधार पर कार्यमुक्त कर दिया गया था। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
नगर निगम वर्तमान में लगभग 1300 सफाई कर्मचारियों के माध्यम से शहर की सफाई व्यवस्था संचालित कर रहा है, जिनमें करीब एक हजार कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर तैनात हैं। इसके बावजूद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिलती रही हैं।
नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने स्पष्ट किया है कि मामले में विधिक राय प्राप्त करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता या मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति, उपस्थिति और कार्य की नियमित निगरानी की व्यवस्था मौजूद थी, तो फिर इतने कर्मचारियों के बिना काम किए मानदेय प्राप्त करने जैसी स्थिति आखिर कैसे उत्पन्न हुई? जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
शाहजहांपुर से अजय सिंह की रिपोर्ट
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