मुंबई: आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर मुंबई के वडाला स्थित ऐतिहासिक श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर, जिसे 'प्रतिपंढरपुर' के नाम से जाना जाता है, में मुंबई की महापौर श्रीमती रितु राजेश तावड़े एवं उनके पति राजेश तावड़े ने विधि-विधान के साथ भगवान विठ्ठल और माता रुक्मिणी का महाअभिषेक एवं महापूजा की।
पहाट में संपन्न हुए इस धार्मिक आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और "ज्ञानबा-तुकाराम" के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। महापूजा के बाद मीडिया से बातचीत में महापौर रितु तावड़े ने कहा कि उन्होंने भगवान विठ्ठल से मुंबई महानगर के निरंतर विकास, समृद्धि और सभी मुंबईवासियों के सुख, शांति तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।
उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु पंढरपुर जाकर दर्शन नहीं कर पाते, उनके लिए वडाला का यह मंदिर 'प्रतिपंढरपुर' के रूप में आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने प्रार्थना की कि मुंबई प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ती रहे और शहर के सर्वांगीण विकास के लिए सभी को शक्ति एवं प्रेरणा मिले।इस अवसर पर एफ-उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त अरुण क्षीरसागर, श्री विठोबा गणपति एवं महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष उदय दिघे, सचिव प्रशांत म्हात्रे, कोषाध्यक्ष नितीन म्हात्रे, सदस्य उदय म्हात्रे सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर मंदिर में मध्यरात्रि से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। टाल-मृदंग की धुन और "जय हरी विठ्ठल" के जयघोष के बीच पूरा परिसर भक्ति में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका, मंदिर ट्रस्ट और मुंबई पुलिस द्वारा व्यापक व्यवस्थाएँ की गई थीं। महापौर द्वारा महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं को महाप्रसाद भी वितरित किया गया।
संवाददाता जावेद शेख।
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