संवाददाता मोहम्मद यासिर
सरायमीर आजमगढ़ अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम में कथित लापरवाही के बाद मरीज की मौत के मामले में सरायमीर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वांछित महिला कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, नर्सिंग होम का मुख्य संचालक डॉ. अंगद पाल अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में दबिश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. आलेंद्र कुमार ने पवई लाडपुर स्थित डॉ. अंगद पाल के नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान मरीज के परिजनों ने बताया कि उनके परिजन का इलाज इसी नर्सिंग होम में किया गया था। हालत गंभीर होने पर उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
निरीक्षण के समय नर्सिंग होम का संचालक मौके से फरार मिला, जबकि रेनू विश्वकर्मा और रोशनी अस्पताल में मौजूद थीं। जांच में अस्पताल में किसी योग्य चिकित्सक के कार्यरत न होने तथा बिना वैध अनुमति के नर्सिंग होम संचालित किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को तत्काल सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की तहरीर पर सरायमीर थाने में डॉ. अंगद पाल, रेनू विश्वकर्मा और रोशनी के विरुद्ध मुकदमा संख्या 181/2026, धारा 105 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
शनिवार को उपनिरीक्षक पंकज यादव ने पुलिस टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर पवई लाडपुर स्थित एक किराये के कमरे से रेनू विश्वकर्मा निवासी सोनवारा (थाना रानी की सराय) तथा रोशनी निवासी संजरपुर (थाना सरायमीर) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे डॉ. अंगद पाल के क्लीनिक में कार्यरत थीं। पुलिस के अनुसार, दोनों ने न्यायालय में अपने बयान देने की बात भी कही है।
पुलिस ने दोनों अभियुक्ताओं को न्यायालय भेज दिया है। वहीं, मुख्य आरोपी डॉ. अंगद पाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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