संवाददाता जाबिर शेख
आजमगढ़। जिले के चर्चित रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में नवजात शिशुओं की कथित अदला-बदली के मामले में जिला प्रशासन की जांच के बाद बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की तहरीर पर सिधारी थाने में अस्पताल कर्मचारियों, प्रबंधन से जुड़े लोगों तथा दूसरे दंपती सहित छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द्र कुमार की तहरीर के अनुसार, आसिफगंज निवासी कमलेश वर्मा ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी नेहा सोनी ने 12 मई 2026 को बलिया जिला महिला अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया था। नवजात को उपचार के लिए तिवारीपुर स्थित रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 27 मई को अस्पताल द्वारा कथित रूप से उनके पुत्र के स्थान पर नवजात बच्ची सौंप दी गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विरोध करने पर अस्पताल कर्मियों ने उन्हें चुप रहने और जेल भेजने की धमकी दी। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कथित रूप से उनका वास्तविक नवजात उन्हें वापस सौंप दिया गया।
जिलाधिकारी द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल की गंभीर लापरवाही उजागर की। जांच में सामने आया कि मालिश के दौरान नवजातों के पहचान टैग खराब हो गए थे और नए टैग लगाने में हुई त्रुटि के कारण दोनों बच्चों की पहचान बदल गई।
समिति ने यह भी पाया कि दूसरे पक्ष की माधवी यादव ने पहले ही अस्पताल प्रबंधन से पुत्री के स्थान पर पुत्र दिए जाने की शिकायत की थी, लेकिन समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई। जांच में माधवी यादव और उनके पति कन्हैया यादव की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने नीतू यादव, अनरजीत चौहान, जयकृष्ण शुक्ल, शशि कुमार पांडेय, माधवी यादव तथा कन्हैया यादव के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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