मुंबईः बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और साइबर ठगी के शिकार नागरिकों को त्वरित राहत देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14C) ने ग्रीवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म (GRM) और मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) नामक दो आधुनिक डिजिटल पोर्टल शुरू किए हैं।
मुंबई पुलिस के साइबर अपराध विभाग ने इन दोनों पोर्टलों के प्रभावी संचालन के लिए सभी साइबर पुलिस थानों और स्थानीय पुलिस थानों के अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। GRM पोर्टल के माध्यम से गलत तरीके से फ्रीज या लियन मार्क किए गए बैंक खातों को अनफ्रीज कराने की प्रक्रिया आसान होगी, जबकि MRM पोर्टल साइबर ठगी में फंसी रकम को कानूनी और डिजिटल प्रक्रिया के जरिए पीड़ितों के बैंक खातों में वापस पहुंचाने में मदद करेगा।
पुलिस के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो उसे तुरंत 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। घटना के शुरुआती घंटों में शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को समय रहते ब्लॉक कर वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत शिकायत दर्ज कर नई डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। इन पोर्टलों के माध्यम से पीड़ितों को पारदर्शी, तेज और प्रभावी राहत मिलने की उम्मीद।
संवाददाता जावेद शेख।
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