शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: चर्चित ‘बंगाली डॉक्टर’ के सर्प विष निवारण केंद्र पर छापाउपचार पद्धति और दवाओं का हिसाब मांगा, तीन दिन का नोटिस जारी




संवाददाता जाबिर शेख 

आजमगढ़। शहर में संचालित चर्चित "बंगाली डॉक्टर" के सर्प विष निवारण केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आकस्मिक छापा मारा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा को मिली शिकायत के बाद उनके निर्देश पर डिप्टी मुख्य चिकित्साधिकारी (निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान) डॉ. आलेन्द्र कुमार ने सिधारी ओवरब्रिज के समीप स्थित केंद्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान केंद्र संचालक से सर्पदंश पीड़ितों के उपचार की प्रक्रिया, उपयोग की जाने वाली दवाओं और चिकित्सकीय व्यवस्था के संबंध में जानकारी मांगी गई। संचालक ने स्वीकार किया कि केंद्र में सांप काटने वाले मरीजों का उपचार किया जाता है तथा इसके लिए शुल्क भी लिया जाता है। हालांकि जब उपचार की वैज्ञानिक प्रक्रिया और प्रयुक्त औषधियों के स्रोत व वैधता के बारे में पूछा गया तो वह स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ रहे।
मामले को गंभीर मानते हुए डिप्टी सीएमओ ने संचालक को तीन दिन का नोटिस जारी किया है। नोटिस में उपचार की पूरी प्रक्रिया, उपयोग की जाने वाली औषधियों का विवरण, उनकी वैधता से संबंधित दस्तावेज तथा मरीजों के उपचार अभिलेख मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि शिकायत और निरीक्षण में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया अथवा उपचार संबंधी गतिविधियां नियमों के विपरीत पाई गईं तो संबंधित प्रतिष्ठान को सील करते हुए विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने आम जनता से अपील की कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में केवल सरकारी अथवा विधिवत पंजीकृत और मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थानों में ही उपचार कराएं तथा अप्रमाणित उपचार पद्धतियों के झांसे में आने से बचें।
यह कार्रवाई जिले में अवैध एवं संदिग्ध चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की सख्ती का संकेत मानी जा रही 

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