संवाददाता जाबिर शेख
आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के क्यामुद्दीन पट्टी उर्फ परसहा गांव निवासी शहजाद अहमद द्वारा पुलिस चौकी फरिहा पर तैनात एक नायब दरोगा और सिपाही पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी सदर के निर्देश पर थाना निजामाबाद में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पीड़ित शहजाद अहमद पुत्र अबुल बशर ने अधिकारियों को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि वह अपने मकान का निर्माण कार्य करा रहा था, जिसे कुछ विपक्षियों ने दबंगई के बल पर रुकवा दिया। इस संबंध में उसने थाना निजामाबाद में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय विपक्षियों के प्रभाव में आकर निर्माण कार्य बंद करा दिया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, कुछ दिन बाद पुलिस चौकी फरिहा पर तैनात नायब दरोगा परमात्मा यादव और सिपाही प्रशांत ने उसे फोन कर चौकी पर बुलाया। आरोप है कि वहां उससे कहा गया कि “ऊपर तक बात हो चुकी है” और निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने के एवज में ₹10 हजार की मांग की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उससे पहले ₹2500 लिए जा चुके थे और बाद में ₹5000 और लाने का दबाव बनाया गया।
लगातार हो रही कथित वसूली और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी सदर से न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी ने जांच के आदेश देते हुए प्रकरण थाना निजामाबाद भेज दिया, जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। मामले की कायमी हेड कांस्टेबल सतीश चंद्र विशाल द्वारा की गई है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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