संवाददाता अंकित कुमार शर्मा
गोंडा जिले से पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने मेहनत-मजदूरी कर अपनी पत्नी को एएनएम (ANM) का कोर्स करवाया, लेकिन नौकरी लगने के बाद पत्नी ने उसके साथ रहने से इनकार कर दिया। पीड़ित पति ने पत्नी और उसके परिजनों पर 10 लाख रुपये की मांग करने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
मामला मोतीगंज थाना क्षेत्र के चपरतल्ला कौरहे गांव का है। गांव निवासी राजेश कुमार वर्मा (35) ने सीओ शिल्पा वर्मा को शिकायती पत्र देकर पत्नी रेनू वर्मा और उसके परिजनों पर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2001 में पिपरा लालपुर गांव निवासी राम उजागर की बेटी रेनू वर्मा से बाल्यावस्था में हुई थी। वर्ष 2018 में गौना होने के बाद रेनू ससुराल आई। कुछ समय बाद उसने एएनएम का कोर्स करने की इच्छा जताई, जिस पर राजेश ने आर्थिक तंगी के बावजूद उसका पूरा साथ दिया।
राजेश का कहना है कि उसने पंजाब में रहकर मजदूरी की, लोहे की पल्लेदारी का काम किया, यहां तक कि दो भैंस और एक बकरा बेचकर पत्नी की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाए। उसने करीब डेढ़ लाख रुपये ऑनलाइन और अन्य माध्यमों से पत्नी को भेजे। इतना ही नहीं, पत्नी के पायल बेचकर भी एएनएम कोर्स में एडमिशन कराया।
पीड़ित का आरोप है कि कोर्स पूरा होने और अस्पताल में नौकरी मिलने के बाद अब पत्नी उसके साथ रहने को तैयार नहीं है। जब वह उसे वापस लाने ससुराल गया तो उससे कहा गया कि यदि वह साथ रहना चाहता है तो उसे अपने माता-पिता को छोड़कर गोंडा में अलग रहना होगा।
राजेश ने बताया कि उसके पिता बीमार हैं और मां नेत्रहीन हैं, ऐसे में वह उन्हें छोड़कर अलग नहीं रह सकता। वहीं, पत्नी और उसके परिजन अब उससे 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। साथ ही शादी और गौना के समय दिए गए जेवर भी वापस नहीं किए गए हैं।
पीड़ित पति ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए पत्नी की पढ़ाई में खर्च की गई रकम और जेवर वापस दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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