मुंबई: बायकुला पुलिस स्टेशन की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते पश्चिम बंगाल की 17 वर्षीय लापता नाबालिग बच्ची आखिरकार अपने परिवार से मिल गई। यह भावुक पल उस समय देखने को मिला जब बच्ची के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों को दुआएं देते हुए कहा, "सर, आपकी वजह से ही हमारी 12 दिन की लापता बच्ची वापस लौटी है।अल्लाह आपको हमेशा खुश रखे.।
जानकारी के अनुसार, 19 मई 2026 को बायकुला पुलिस स्टेशन की सीमा में पुलिस सब-इंस्पेक्टर आसिफ पठान को एक नाबालिग लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर कोली के माध्यम से बच्ची से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसकी पहचान कुमारी जैस्मीन अख्तर जयरुद्दीन शेख (17 वर्ष), निवासी कूच बिहार, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई।
आगे की जांच में पता चला कि पश्चिम बंगाल के तुफानगंज पुलिस स्टेशन में उसके अपहरण को लेकर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) और 140 (3) के तहत मामला दर्ज था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत संबंधित पुलिस स्टेशन से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा की।
आज, 25 मई 2026 को तुफानगंज पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी और महिला पुलिस दल मुंबई पहुंचे, जिसके बाद सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर नाबालिग बच्ची को उनके हवाले किया गया।
इस दौरान परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने मुंबई पुलिस का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनकी बेटी की वापसी उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे क्षण ही पुलिस सेवा को असली मायने देते हैं, जब किसी बिछड़े परिवार को फिर से मिलाने का अवसर मिलता है। बायकुला पुलिस की इस कार्रवाई की इलाके में सराहना की जा रही है। संवाददाता जावेद शेख।
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