झोलाछापों का गोरखधंधा मेडिकल स्टोर बने क्लिनिक, अनुराग समेत कई जगह इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़





शाहजहाँपुर तिलहर कस्बा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों की आड़ में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा खुलेआम इलाज करने का खेल चल रहा है। ताजा मामला अस्पताल रोड स्थित मेडिकल स्टोर का है, जहां झोलाछाप अनुराग  खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों को इंजेक्शन व ग्लूकोज/सलाइन की बोतलें चढ़ा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह खेल सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि कस्बे के कई मेडिकल स्टोरों पर चल रहा है। बुखार, कमजोरी, उल्टी-दस्त की शिकायत पर बिना जांच-पर्चे के ही मरीजों को ड्रिप लगा दी जाती है।
क्या कहता है कानून ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत मेडिकल स्टोर संचालक या फार्मासिस्ट केवल दवा बेच सकता है। इंजेक्शन/आईवी ड्रिप लगाना सिर्फ पंजीकृत MBBS/BAMS/BHMS डॉक्टर कर सकता है। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है।
विभाग की चुप्पी मामला सामने आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग व ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने अभी तक तिलहर के मेडिकल स्टोरों की जांच नहीं की है।
मांग तिलहर के नागरिकों ने सीएमओ शाहजहाँपुर व ड्रग विभाग से मांग की है कि अस्पताल रोड स्थित मेडिकल स्टोर व झोलाछाप अनुराग कुशवाहा समेत कस्बे के सभी संदिग्ध मेडिकल स्टोरों की औचक जांच कराई जाए। दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर स्टोर सील किए जाएं व लाइसेंस निरस्त हों। लोगों का सवाल — क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
अजय सिंह की ख़ास रिपोर्ट शाहजहांपुर

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