संवाददाता अमित तिवारी
आजमगढ़ श्री विश्वकर्मा मय वंशीय पांचाल ब्राह्मण सभा की साधारण बैठक दो अप्रैल की शाम को मंदिर परिषद पर आहूत की गई खबर के मुताबिक तथाकथित अध्यक्ष एवं महामंत्री सभी साधारण सदस्यों को सूचित नहीं किया गया और अपने आप को बिना किसी चुनाव के अध्यक्ष एवं मंत्री सहित वित्त मंत्री कुछ अन्य पदों पर अपने चाहे नात रिस्तेदारो कि टीम बनाकर बैठक संचालित करने लगे जिसपर विनोद शर्मा महामंत्री ने इस बात को बताया कि इसके संबंध में चिटफंड अधिकारी आजमगढ़ के यहां मुकदमा विचाराधीन है। इसी बीच तथाकथित अध्यक्ष एवं मंत्री ने आसन पर अपना बैनर पोस्टर लगाकर कब्जा जमाना चाहा और साधारण सभा कि कारवाई करनी चाहें परंतु साधारण सभा के विपक्षी आजीवन सदस्य, एवं महामंत्री ने हंगामा करना शुरू कर दिया कि चिटफंड कार्यालय से अभी कमेटी का विधिवत निर्धारण नहीं हुआ है। देखते देखते बैठक हंगामेदार हो गई और थाना सिधारी कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ता।
विनोद शर्मा का कहना है कि पहले चीट फंड कार्यालय से सत्यापन कराये जब तक चिटफंड कार्यालय से विद्वत कमेटी को मान्यता नहीं मिल जाती है तब तक अध्यक्ष एवं मंत्री कैसे घोषित होंगे और इन लोगों द्वारा वार्षिक चिट्ठा प्रस्तुत करने का अधिकार नहीं है। विनोद शर्मा ने और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोग यूनियन बैंक सिविल लाइन में फर्जी कागज़ात लगाकर कैसे अपना बैंक में हस्ताक्षर प्रमाणित करा लिया बिना सोचे समझे बैंक प्रबंधक ने मंदिर के खाता संख्या 426502010001905 में इनका नाम अंकित कर दिया।इन लोगों द्वारा मंदिर के दान, किरायदारों से जबरीयन वसुली किया जा रहा है। उक्त बात की जानकारी होने पर तत्काल मैं और वित्त मंत्री ने खाते के संचालन पर रोक लगवा दी। शर्मा ने इन शिक्षा माफियाओं से निजात दिलाने हेतु जिलाधिकारी महोदय से हस्तक्षेप कि मांग किया है।
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