संवाददाता जावेद शेख
मुंबई महानगरपालिका के प्रशासन में एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिडे को बृहन्मुंबई महानगरपालिका की नई नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। वह भूषण गगराणी के बाद यह जिम्मेदारी संभालने वाली BMC के 160 से अधिक वर्षों के इतिहास की पहली महिला कमिश्नर बन गई हैं।
ऐतिहासिक फैसला
महाराष्ट्र सरकार ने 31 मार्च 2026 को यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया। भूषण गगराणी के कार्यकाल के बाद अश्विनी भिडे को मुंबई जैसे देश के सबसे बड़े और सबसे अमीर नगर निगम की कमान सौंपी गई। इस नियुक्ति को प्रशासनिक और सामाजिक
दृष्टि से एक नई शुरुआत माना जा रहा है।अश्विनी भिडे महाराष्ट्र कैडर की वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और प्रशासनिक क्षेत्र में उनकी मजबूत पहचान रही है।
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण उन्हें मेट्रो वुमन भी कहा जाता है।
शहरी विकास और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का व्यापक अनुभव रखती हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं।
बीएमसी के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति ?
बीएमसी देश का सबसे समृद्ध नगर निगम माना जाता है और मुंबई की सड़कों, पानी, सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी जिम्मेदारी इसी प्रशासन पर होती है। ऐसे में नई कमिश्नर के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी।
मानसून और जलभराव की समस्या
सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन
ट्रैफिक और शहरी योजना
नागरिक सेवाओं का डिजिटलीकरण
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रियाएं।
मुंबई की मेयर सहित कई नेताओं ने अश्विनी भिडे की नियुक्ति को बीएमसी के लिए नए युग की शुरुआत" बताया है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में प्रशासनिक सुधार और तेज फैसलों की।
उम्मीद की जा रही है।
भूषण गगराणी के कार्यकाल के बाद अश्विनी भिडे की नियुक्ति सिर्फ पद परिवर्तन नहीं बल्कि मुंबई प्रशासन में महिला नेतृत्व की ऐतिहासिक एंट्री है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नई कमिश्नर मुंबई की नागरिक सुविधाओं और विकास परियोजनाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाती हैं।
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