डॉ अनूप और उनकी टीम ने एक बार फिर सफलता हासिल करते हुए युवक को नई जिंदगी दी



संवाददाता रामजीत 

आजमगढ़ में मानवता साहस और समय पर मदद की एक प्रेरणादायक घटना सामने आई  जिसने यह साबित कर दिया कि संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय किसी की जिंदगी बचा सकते हैं 15 मार्च को गाजीपुर जनपद के बहरियाबाद क्षेत्र के पास एक सड़क दुर्घटना में 18 वर्षीय मोनू चौहान गंभीर रूप से घायल हो गया उस की बाइक की टक्कर एक ट्रक से हो गई थी जिस के बाद वह सड़क किनारे गिरकर तड़पता रहा था वह अपनी ननिहाल से वापस आ रहा था।
 हैरानी की बात यह रही कि लगभग 45 मिनट तक वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे और किसी ने मदद के लिए पहल नहीं की इसी बीच अनिल यादव, स्वतंत्र सिंह और संदीप चौहान नामक तीन युवकों ने बिना किसी भय या हिचक के मानवता का परिचय दिया घायल युवक को पहचानते भी नहीं थे फिर भी उसे तत्काल आजमगढ़ के लाइफलाइन अस्पताल पहुंचाया अस्पताल पहुंचते ही इमरजेंसी विभाग के डॉक्टरों ने बिना किसी औपचारिकता और आर्थिक चिंता के इलाज शुरू कर दिया।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अनूप ने  सीटी स्कैन में गंभीर चोटें पाईं और तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया।
 उन्हों ने बिना देरी किए सर्जरी कर युवक की जान बचाई हालांकि अगले ही दिन मरीज की हालत फिर बिगड़ गई, जिस के बाद दूसरी जटिल सर्जरी करनी पड़ी डॉ. अनूप और उनकी टीम ने एक बार फिर सफलता हासिल करते हुए युवक को नई जिंदगी दी।
 कुछ दिनों के इलाज के बाद अब मोनू चौहान स्वस्थ होकर घर लौटने के लिए तैयार है लाइफलाइन अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि उनका संस्थान हमेशा से ऐसे लावारिस और गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रतिबद्ध रहा है साथ ही लोगों से अपील की गई कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद के लिए आगे आएं। 
यह घटना न केवल मानवता की मिसाल है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि राहवीर योजना जैसे प्रयास लोगों को प्रेरित करने के लिए हैं सही समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।


Post a Comment

Previous Post Next Post