जौनपुर में गन हाउस पर कार्रवाई 680 कारतूस की संदिग्ध बिक्री, संचालक के खिलाफ मुकदमा




जौनपुर जिले में शस्त्र लाइसेंस नियमों की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है केराकत थाना क्षेत्र स्थित एक गन हाउस के संचालक पर अवैध रूप से कारतूसों की बिक्री करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह खुलासा एसडीएम और क्षेत्राधिकारी (सीओ) की संयुक्त जांच में हुआ।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि गन हाउस के स्टॉक रजिस्टर में कारतूसों की बिक्री अधिक दिखाई गई है, जबकि संबंधित लाइसेंसों पर कम संख्या दर्ज की गई थी। इस विसंगति से कारतूसों के संभावित दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
मामला राजपूत गन हाउस से जुड़ा है, जहां संचालक कैलाशनाथ सिंह पर बिना अनुमति 680 कारतूस बेचने का आरोप लगा है। पुलिस ने उनके खिलाफ आयुध अधिनियम 1959 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच में यह भी सामने आया कि तीन अलग-अलग लाइसेंसधारकों को निर्धारित सीमा से कहीं अधिक कारतूस बेचे गए। आजमगढ़ निवासी एक व्यक्ति को लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद 240 कारतूस दिए गए। वहीं वाराणसी के एक लाइसेंसधारक को 100 की अनुमति के बजाय 230 कारतूस और दूसरे को 165 की अनुमति के मुकाबले 210 कारतूस बेचे गए।
अधिकारियों के अनुसार, स्टॉक रजिस्टर में पूरी बिक्री दर्ज है, लेकिन लाइसेंस पर कम संख्या अंकित कर नियमों को दरकिनार किया गया। इससे पूरे मामले को गंभीर माना जा रहा है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक को सौंपी गई है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
वहीं गन हाउस संचालक का कहना है कि वह लंबे समय से दुकान पर सक्रिय नहीं हैं और संचालन की जिम्मेदारी उनके बेटे के पास है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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