संवाददाता जावेद शेख
मुंबई के मलाड-मालवानी इलाके में दिए गए कथित भड़काऊ भाषण को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता नीतीश राने के बयान पर AIMIM नेता वारिस पठान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए करारा जवाब दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भाषण में नितेश राणे पर आरोप है कि उन्होंने मुसलमानों को लेकर विवादित और उकसाने वाली टिप्पणी की। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वारिस पठान ने कहा कि इस तरह की भाषा समाज में नफरत फैलाने का काम करती है और नेताओं को जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत संविधान से चलता है, धमकी और उकसावे की राजनीति से नहीं।पठान ने अपने बयान में कहा
देश में कानून है, संविधान है। किसी समुदाय के खिलाफ इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। समाज को बांटने की कोशिश बंद होनी चाहिए।
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विभिन्न संगठनों और नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस जारी है।
कुछ सामाजिक संगठनों ने विवादित भाषण की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। वहीं पुलिस प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। मुंबई के मलाड-मालवानी इलाके में दिए गए कथित भड़काऊ भाषण को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता नीतीश राने के बयान पर AIMIM नेता वारिस पठान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए करारा जवाब दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भाषण में नितेश राणे पर आरोप है कि उन्होंने मुसलमानों को लेकर विवादित और उकसाने वाली टिप्पणी की। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वारिस पठान ने कहा कि इस तरह की भाषा समाज में नफरत फैलाने का काम करती है और नेताओं को जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत संविधान से चलता है, धमकी और उकसावे की राजनीति से नहीं।पठान ने अपने बयान में कहा
देश में कानून है, संविधान है। किसी समुदाय के खिलाफ इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। समाज को बांटने की कोशिश बंद होनी चाहिए।
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विभिन्न संगठनों और नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस जारी है।
कुछ सामाजिक संगठनों ने विवादित भाषण की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। वहीं पुलिस प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
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