गोंडा में बड़ा भ्रष्टाचार कांड: डीसी निर्माण हिरासत में, 15 करोड़ के काम में करोड़ों की कमीशनखोरी का आरोप



संवाददाता अंकित कुमार शर्मा

गोंडा, जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जिसमें जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर व डेस्क आपूर्ति के टेंडर में कमीशनखोरी के गंभीर आरोपों के बाद की गई।
जानकारी के मुताबिक, नगर कोतवाली पुलिस ने विद्याभूषण मिश्रा को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूरे मामले में भ्रष्टाचार की परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

नीमन सीटिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के मालिक मनोज कुमार पांडेय की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ। आरोप है कि करीब 15 करोड़ रुपये के काम के एवज में 15% कमीशन यानी लगभग 2.25 करोड़ रुपये की मांग की गई। इतना ही नहीं, अधिकारियों द्वारा 50 लाख रुपये एडवांस भी मांगे गए थे।
शिकायतकर्ता का दावा है कि निलंबित पूर्व बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने 22 लाख रुपये, जबकि प्रेमशंकर मिश्रा और विद्याभूषण मिश्रा ने 2-2 लाख रुपये लिए थे एंटी करप्शन कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा गोरखपुर स्थित एंटी करप्शन कोर्ट के निर्देश पर 4 नवंबर को नगर कोतवाली में पूर्व बीएसए अतुल कुमार तिवारी, जिला समन्वयक (जेम पोर्टल) प्रेमशंकर मिश्रा और जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
काम नहीं देने और ब्लैकलिस्ट करने का भी आरोप मनोज पांडेय का आरोप है कि पैसे लेने के बावजूद उनकी फर्म को काम नहीं दिया गया और बाद में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
सीओ सिटी आनंद राय इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
 इस कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
  

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