27वीं बार रक्तदान मानवता की सेवा ही सच्चे मनुष्य की पहचान है- कुलदीप पाण्डेय




गोरखपुर रक्तदान को लेकर समाज मे बहुत सी भ्रांतिया सुनने को मिलती है,की रक्त बार-बार निकलवाने से शरीर मे कमजोरी व अन्य बहुत सी दिक्कतें होती है। लेकिन इसी को मिथ्या साबित कर मानवता की मिशाल कायम करने वाले गोरखपुर महानगर के राजेंद्र नगर पश्चिमी गोकुलधाम निवासी ज्योतिषाचार्य पण्डित बृजेश पाण्डेय के सुपुत्र युवा जनकल्याण समिति के प्रमुख व अध्यक्ष युवा समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय ने स्वेच्छा पूर्वक 27वीं बार रक्तदान किये हैं।
दिनांक 9 नवंबर 2025 दिन रविवार को भी समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय ने अपने रक्त का स्वेच्छा से दान किया। कुलदीप पाण्डेय ने मानवता व जनसेवा को सर्वोपरी रखते हुए विगत वर्ष 2015 से अब तक दस वर्षों मे 27 बार रक्तदान कर चुके हैं। साथ ही संस्था युवा जनकल्याण समिति के माध्यम से भी कोरोना संकट काल के बाद से 6 बार स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाकर सौ यूनिट तक रक्तदान कराया हैं  कुलदीप पाण्डेय हमेशा ही लोगों को रक्तदान करने के प्रति जागरूक भी करते रहते हैं।  नर सेवा नारायण सेवा के प्रति समर्पित समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय का कहना हैं की स्वास्थ शरीर वाले व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर जनमानस की सेवा करनी चाहिए। रक्तदान महादान है जिससे किसी की जिंदगी को बचाया जा सकता हैं। एक यूनिट रक्तदान करने से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती हैं। स्वास्थ लोगों को रक्तदान वर्ष मे कम से कम 2 बार अवश्य करनी चाहिए, इससे रक्त शरीर मे कम नहीं होता बल्कि और साफ होकर बढ़ता है। हमारा जीवन किसी के काम आ रहा हैं यही मनुष्य व मानवता की असली पहचान है।

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