संवाददाता मोहम्मद यासिर
आजमगढ़ सरायमीर कस्बे में शुक्रवार को विजयादशमी (दशहरा) का मेला धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। मेले में कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सड़कों के किनारे छोटे-बड़े दुकानदारों ने विभिन्न प्रकार की दुकानें सजाईं, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की। वहीं, लगभग 15 स्थानों पर जय मां दुर्गा सेवा समितियों की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमाओं के पंडाल सजाए गए। श्रद्धालुओं ने पंडालों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया।
शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे रामलीला समिति के अध्यक्ष रामभुवन मौर्य, व्यवस्थापक मिठाईलाल सेठ, उपाध्यक्ष रवि चौरसिया एवं मानिक चंद गुप्ता, कोषाध्यक्ष रजनीश बरनवाल तथा महामंत्री महेशचंद्र गुप्ता की मौजूदगी में जय श्रीराम मंदिर ठाकुरद्वारा से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा ठाकुरद्वारा से निकलकर सब्जी मंडी, पुराना थाना, चौक, महाजनी टोला और मवेशीखाना होते हुए रामलीला मैदान पहुंची। रथयात्रा के पीछे रावण का रथ भी चल रहा था।
रामलीला मैदान में देर शाम तक भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। अंत में भगवान श्रीराम ने अपने धनुष से बाण चलाकर रावण का वध किया। इसके बाद देर रात रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतला दहन होते ही पूरा कस्बा भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक पर्व को उत्साह के साथ मनाया।
मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। यातायात व्यवस्था के मद्देनजर दोपहर तीन बजे से रात आठ बजे तक चारपहिया वाहनों और बाइक के आवागमन का मार्ग कस्बे से बाहर की ओर परिवर्तित किया गया। जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
उपजिलाधिकारी निजामाबाद अतुल आनंद ने अपनी टीम के साथ मेले का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं, सीओ फूलपुर भूपेश पाण्डेय और थाना प्रभारी भुवनेश्वर कुमार चौबे पुलिसकर्मियों तथा महिला पुलिस बल के साथ लगातार भ्रमण करते रहे। प्रशासनिक सतर्कता और पुलिस की मुस्तैदी के बीच दशहरा मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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