मुंबई:जो बात आज ITBP के महानिदेशक (DG) ने देश के सामने कबूली है, वही बात नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ठीक दो महीने पहले 13 अगस्त 2026 को देश को बता दी थी।
आज ITBP के DG के बयान ने साफ कर दिया है कि राहुल जी उस वक्त सच बोल रहे थे। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब राहुल गांधी ने देश को आगाह कर दिया था, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को गुमराह क्यों किया? सच को दबाया क्यों गया?
13 अगस्त 2026 को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश को बताया था कि सीमा पर हालात सरकार के दावों के बिल्कुल विपरीत हैं। उन्होंने कहा था कि जवानों को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, सरकार उस पर पर्दा डाल रही है। तब भाजपा और सरकार की तरफ से राहुल जी के बयान को "सेना का मनोबल तोड़ने वाला" और "झूठा" बताया गया था।
आज ITBP के DG ने अपनी आधिकारिक ब्रीफिंग में वही बातें दोहराईं जो राहुल जी ने कही थीं। DG के इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि सरकार देश से तथ्य छिपा रही थी।
सवालों के घेरे में मोदी सरकार
1. जब ITBP खुद मान रही है कि हालात गंभीर हैं, तो प्रधानमंत्री ने संसद और देश को गलत जानकारी क्यों दी?
2. क्या सिर्फ अपनी छवि बचाने के लिए देश की सुरक्षा से जुड़े तथ्यों पर पर्दा डाला गया?
3. राहुल गांधी ने जब सच बताया तो उन्हें देशद्रोही तक कहा गया, अब जब ITBP के DG ने उसी सच पर मुहर लगा दी है, तो मोदी जी माफी मांगेंगे?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है। जब भी राहुल गांधी ने चीन, सीमा सुरक्षा या जवानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा है, पहले उनका मजाक उड़ाया गया और बाद में वही बात सच साबित हुई है।
अब देश पूछ रहा है - मोदी जी, देश को गुमराह क्यों किया?
संवाददाता जावेद शेख।
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