यूपी में फिर बदलेगा मौसम, 28 अक्टूबर से पूर्वांचल में बारिश के आसार; किसानों की बढ़ सकती है चिंता




संवाददाता जाबिर शेख 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान का रूप लेने की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की आशंका भी है।
मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी प्रणाली को प्रमुख वजह माना जा रहा है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र 24 अक्टूबर तक अवदाब में बदल सकता है। इसके बाद 25 अक्टूबर को इसके गहन अवदाब बनने और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।
पूर्वानुमान के अनुसार, यह मौसमी प्रणाली आगे चलकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों की ओर जा सकती है। इसके असर से मौसम में होने वाले बदलाव पर मौसम वैज्ञानिक लगातार नजर बनाए हुए हैं।

पश्चिमी यूपी में भी बारिश के संकेत

प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने के आसार नहीं हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24 घंटे के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा हवा के साथ छिटपुट बारिश की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, 28 अक्टूबर से मौसम में संभावित बदलाव का ज्यादा असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल सकता है।
बेमौसम बारिश से फसलों पर पड़ सकता है असर
अक्टूबर के आखिरी दिनों में बारिश का एक और दौर शुरू होने की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा सकती है। खेतों में खड़ी फसलों के साथ कटाई, मड़ाई और अन्य कृषि कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना बनाएं।
बांदा रहा सबसे गर्म, बरेली में सबसे कम तापमान
प्रदेश में तापमान की बात करें तो शुक्रवार को बांदा में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बरेली में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। आने वाले दिनों में बारिश और चक्रवाती प्रणाली के प्रभाव के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेशवासियों को अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बदलते मौसम के लिए तैयार रहने की जरूरत है। खासकर पूर्वांचल के लोगों और किसानों को 28 अक्टूबर के आसपास जारी होने वाले स्थानीय मौसम अपडेट पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

Post a Comment

Previous Post Next Post