रिपोर्टर अमित तिवारी
आजमगढ़ मुबारकपुर मदरसा 'जामिया नूरुल उलूम' की मान्यता से जुड़े मामले में मुबारकपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर मान्यता प्राप्त करने के आरोप में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को देवकली तारन मोड़ के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, आजमगढ़ के पोर्टल सहायक आमिर हुसैन द्वारा मदरसा जामिया नूरुल उलूम की मान्यता के संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। विभागीय जांच के दौरान पाया गया कि वर्ष 1998 में मदरसे की स्थायी मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत किया गया भूमि संबंधी दानपत्र फर्जी और कूटरचित था।
जांच में यह भी सामने आया कि इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर मदरसे को 'आलिया स्तर' की स्थायी मान्यता मिली थी और बाद में इसे दूसरे स्थान पर स्थानांतरित भी कर दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने मान्यता निलंबित करते हुए प्रबंध समिति और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
प्राप्त साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना मुबारकपुर में मुकदमा अपराध संख्या (मु0अ0सं0) 348/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर धारा 319(2) को हटाते हुए धारा 61(2) की बढ़ोतरी की गई।
इसी क्रम में 29 सितंबर को वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) प्रदीप मिश्र पुलिस बल के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देवकली तारन मोड़ के पास घेराबंदी कर दोपहर लगभग 2:30 बजे दो अभियुक्तों—मोहम्मद हामिद (उम्र 54 वर्ष) और मोहम्मद आबिद (उम्र 47 वर्ष), निवासी बरईपुर (थाना मुहम्मदाबाद, जनपद मऊ)—को धर दबोचा।
पुलिस के अनुसार, दोनों अभियुक्त इस मुकदमे में वांछित चल रहे थे। प्राथमिक जांच में दोनों का आपराधिक इतिहास इसी मुकदमे से संबंधित पाया गया है। पुलिस द्वारा दोनों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप मिश्र एवं थाना मुबारकपुर का अन्य हमराही पुलिस बल शामिल रहा।
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