बाढ़ में डूबे रास्ते, नाव बनी स्कूली बच्चों का सहारा





शाहजहांपुर जलालाबाद। बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। कई गांवों के रास्ते जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है। कहीं लोग पानी के बीच से निकलने को मजबूर हैं तो कहीं गांव तक पहुंचने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा रह गई है। बाढ़ का असर सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों और रोजमर्रा के काम के लिए घर से निकलने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। खेतों और गांवों के आसपास लगातार बढ़ता पानी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। कई परिवारों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ने की स्थिति में भोजन, पेयजल और आवागमन जैसी जरूरी सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। वहीं, हालात बिगड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना भी जरूरी है। ग्रामीण अब प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज किए जाने की उम्मीद लगाए हैं।

शाहजहांपुर से अजय सिंह की  रिपोर्ट

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