मुंबई, 22 सितंबर। गोवंडी पुलिस ठाणे क्षेत्र में कर्तव्य पर तैनात एक महिला पुलिस अंमलदार के साथ अश्लील व्यवहार और गाली-गलौज करने वाले आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
मा. अति सत्र न्यायालय, कोर्ट क्रमांक 34, मुंबई ने 21 सितंबर 2026 को गोवंडी पुलिस ठाणे के गु.र.नं. 216/2018 (भारतीय दंड संहिता की धारा 353, 509 और 354 (अ)) के मामले में आरोपी सरोज दुर्योधन सी. (व्यवसाय-चालक, निवासी टी. कुकरेजा कंपाउंड के सामने, टाटा कुटीर तळ मजला, 11वां रोड, चेंबुर, मुंबई) को दोषसिद्ध किया।
घटना 21 अगस्त 2018 की है। उस दिन फिर्यादी महिला पुलिस अंमलदार यातायात व्यवस्था बनाए रखने के कर्तव्य पर थीं। आरोपी ने उन पर अश्लील हावभाव किए और अश्लील गालियां दीं, जिससे उनके मन में लज्जा उत्पन्न हुई। इसकी शिकायत पर गोवंडी पुलिस ठाणे में उक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।न्यायालय ने आरोपी को धारा 353 के तहत 6 महीने का कारावास और 500 रुपये जुर्माना, धारा 354 (अ) के तहत 6 महीने का कारावास और 500 रुपये जुर्माना तथा धारा 509 के तहत 6 महीने का कारावास और 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त एक महीने की कैद का प्रावधान भी किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में तपास अधिकारी सपोनि प्रियंका पाटील द्वारा किए गए सखोल और वैज्ञानिक जांच, सबल सबूतों के संकलन तथा सरकारी अभियोजक श्रीमती ज्योती सावंत और पैरवी अधिकारी पोउपनि अजय यादव द्वारा न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण से आरोपी को संदेह का लाभ दिए बिना दोषी ठहराया गया।
यह उल्लेखनीय सफलता पुलिस आयुक्त श्री देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त का. व सु. श्री मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त पूर्व प्रादेशिक विभाग श्री धनंजय कुलकर्णी, पुलिस उप आयुक्त पूर्व परिमंडळ-1 समीर शेख, सहायक पुलिस आयुक्त चेंबुर विभाग रामराव ढिकले तथा वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पंढरीनाथ सावंत के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक दयानंद जाधव, मसपोनि प्रियंका पाटिल, पोउपनि अजय यादव सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने हासिल की है।
संवाददाता जावेद शेख।
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