संवाददाता जाबिर शेख
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना पुलिस ने फर्जी क्लिनिक संचालित कर खुद को चिकित्सक बताकर मरीज का इलाज करने के आरोप में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गोसाई की बाजार से गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे चालान कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर 2025 को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के मईखरगपुर गांव निवासी सुनील यादव के भाई अजीत यादव शौचालय में गिरकर पैर में गंभीर चोट लगने से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें इलाज के लिए गोसाई की बाजार स्थित प्रकाश हेल्थ केयर सेंटर लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद सत्यप्रकाश ने खुद को चिकित्सक बताते हुए अजीत का उपचार शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान गलत तरीके से इलाज किए जाने के चलते अजीत यादव की हालत लगातार बिगड़ती गई और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। बाद में जब क्लिनिक और चिकित्सक के संबंध में जानकारी जुटाई गई तो पंजीकरण एवं चिकित्सकीय दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।
उपचार में लापरवाही के चलते पैर काटने तक की स्थिति उत्पन्न होने का आरोप लगाते हुए सुनील यादव ने गंभीरपुर थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 221/2026 के तहत धारा 109(1)/318(4) बीएनएस एवं 34(2) NMC Act में सत्यप्रकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी तभी से पुलिस की नजर में वांछित चल रहा था।
गोसाई की बाजार से दबोचा गया आरोपी
पुलिस के मुताबिक सोमवार को उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा हमराह पुलिसकर्मियों के साथ वांछित आरोपी की तलाश में थे। इसी दौरान करीब 1:15 बजे गोसाई की बाजार से सत्यप्रकाश पुत्र लालता प्रसाद, निवासी पन्दहा, थाना मेहनगर को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस टीम में कांस्टेबल अलेक्षेन्द्र प्रताप सिंह और कांस्टेबल पवन कुमार शामिल रहे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे चालान कर दिया गया।
फर्जी चिकित्सकों और बिना वैध पंजीकरण संचालित होने वाले क्लिनिकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, इस मामले में मरीज के इलाज से जुड़े आरोपों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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