सीरत क्विज के 69 छात्रों को मिला पुरस्कार, बच्चों की तरबियत पर दिया जोर





संवाददाता मोहम्मद यासिर सरायमीर 

आजमगढ़ सरायमीर जमाअत-ए-इस्लामी हिंद की ओर से सरायमीर में सीरत क्विज प्रतियोगिता के इनाम तकसीम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रतियोगिता में शामिल 69 छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उलेमा, छात्र, अभिभावक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। 

कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज मोहम्मद जरीफ ने कुरआन पाक की तिलावत से की। इसके बाद मौलाना मोहम्मद उमर असलम इस्लाही ने औलाद की तरबियत और अच्छे संस्कार विषय पर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक पिता अपनी औलाद को सबसे कीमती तोहफा देना चाहता है तो वह उसे बेहतर अदब और अच्छे संस्कार सिखाए। बच्चों के प्रति माता-पिता की मोहब्बत और उनकी चिंता किसी बयान की मोहताज नहीं होती। 

मौलाना ने कहा कि बच्चों की परवरिश केवल स्कूल-कॉलेज की शिक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके अंदर अच्छे अखलाक, अनुशासन और दूसरों के साथ बेहतर व्यवहार करने की आदत पैदा करना भी वालिदैन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को जिस तरह की तालीम और संस्कार देना चाहते हैं, उसका अमल सबसे पहले हमारी अपनी जिंदगी में नजर आना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे नेक और अच्छी सीरत वाले बनें तो हमें स्वयं अपने आचरण को बेहतर बनाना होगा। बच्चे अपने माता-पिता के व्यवहार से बहुत कुछ सीखते हैं, इसलिए उनकी तरबियत में घर का माहौल अहम भूमिका निभाता है। 

कार्यक्रम के दौरान सीरत क्विज में भाग लेने वाले 69 छात्रों को पुरस्कार वितरित किए गए। पुरस्कार पाकर छात्रों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद आरिफ इस्लाम ने किया। अंत में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद सरायमीर युनिट के अध्यक्ष अकील अहमद की दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में उलेमा के साथ छात्रों के अभिभावक और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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