शाहजहांपुर। जिले में फाइनेंस पर लिए गए वाहनों की किस्त टूटने के बाद कुछ फाइनेंसरों के एजेंटों पर कथित रूप से मनमानी और दबाव बनाकर वसूली करने के आरोप लग रहे हैं। वाहन स्वामियों का आरोप है कि चार पहिया वाहनों से घूमने वाले कुछ एजेंट बकाया किस्त का हवाला देकर सड़क पर वाहन रोकते हैं और मौके पर ही रकम जमा करने का दबाव बनाते हैं।
आरोप है कि रकम न देने पर वाहन को जबरन थाने में खड़ा कराने अथवा वाहन उठाने की धमकी दी जाती है। वाहन स्वामियों का कहना है कि इससे पहले भी कई वाहनों को एजेंटों द्वारा थाने में खड़ा कराया जा चुका है।
लोगों का कहना है कि यदि किसी वाहन की किस्त बकाया है तो फाइनेंस कंपनी को नियमानुसार नोटिस और अधिकृत कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। सड़क पर वाहन रोककर कथित तौर पर दबाव बनाकर वसूली करने से वाहन स्वामियों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने, फाइनेंस कंपनियों के अधिकृत एजेंटों की पहचान और उनके दस्तावेजों का सत्यापन कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
सवाल यह है कि बकाया किस्त की वसूली के नाम पर सड़क पर कथित मनमानी और दबाव कब रुकेगा?
फोटो काल्पनिक AI
शाहजहांपुर से अजय सिंह की रिपोर्ट
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