गोंडा.जिले में कुछ दिनों पहले वली मोहम्मद पुत्र मोहब्बत अली निवासी ग्राम परसा, थाना खरगूपुर, जनपद गोण्डा द्वारा थाना कोतवाली नगर में लिखित तहरीर दी गयी थी कि उनकी पत्नी के उपचार के दौरान वो रक्त की व्यवस्था करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अस्पताल के बाहर ऋषिकेश अवस्थी द्वारा ₹12,500 में रक्त उपलब्ध कराया लेकिन उस रक्त को संदिग्ध मानते हुए चिकित्सकों ने उसे चढ़ाने से मना कर दिया ऐसे में आरोपी ने न तो रक्त को बदला और न ही पैसे वापस किए !
एक और मामले में थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत एक महिला द्वारा सूचना दी गई थी कि उसकी 09 वर्षीय बालिका के उपचार के दौरान रक्त की आवश्यकता होने पर एक्सपायरी (समयावधि समाप्त) रक्त उपलब्ध कराया गया था। जिससे उसकी पुत्री की मृत्यु हो गई।
दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर कोघटना में संलिप्त आरोपी अभियुक्तों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे और इसी मामले में विवचेना के दौरान पाये गए दोषी आरोपी अभियुक्तों01. मुख्तार पुत्र जाफर, 02. शिवम शुक्ला पुत्र उदयभान शुक्ला, 03. विजय पुत्र तिलकराम, 04. साहबे आलम पुत्र मुन्ना, 05. ऋषिकेश अवस्थी पुत्र स्व0 अमरीश कुमार अवस्थी, 06. बृजेश कुमार शुक्ला पुत्र जमुना प्रसाद, 07. अभिषेक सिंह पुत्र जगदीश, 08. सौरभ श्रीवास्तव पुत्र राकेश श्रीवास्तव को चाँदमारी पुलिया घोसियाना के पास से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 253 कूटरचित ब्लड बैंक कार्ड, 10 अदद डिस्पोजल सिरिन्ज, 09 अदद मोबाइल फोन बरामद किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना को0नगर पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
पूछताछ के दौरान ज्ञात हुआ कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से अवैध रूप से रक्त (ब्लड) की खरीद-फरोख्त का कार्य करता है। पूछताछ में यह प्रकाश में आया कि अभियुक्त अभिषेक एवं सौरभ जनपद बलरामपुर में एक ब्लड बैंक का संचालन करते हैं, जबकि उनके अन्य सहयोगी विभिन्न अस्पतालों एवं अन्य स्थानों पर रक्त की आवश्यकता वाले व्यक्तियों (क्लाइंट) की तलाश कर उनसे संपर्क स्थापित करते हैं तथा अवैध रूप से रक्त की खरीद-फरोख्त कराते हैं।
पत्रकार अंकित कुमार शर्मा
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