जिला पूर्ति कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारियों का 'राज गरीबों के राशन कार्ड काटने और अवैध वसूली के गंभीर आरोप




शाहजहांपुर के जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारियों की कथित दखलअंदाजी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ निजी कर्मचारी पूर्ति निरीक्षकों की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर ऑनलाइन कार्य कर रहे हैं, जिससे पात्र गरीबों के राशन कार्ड मनमाने ढंग से काटे जा रहे हैं।

 आरोप यह भी हैं कि राशन कार्ड दोबारा बनवाने के नाम पर ₹500 से ₹1000 तक की अवैध वसूली की जा रही है राशन वितरण रजिस्टर से जुड़े कार्यों के लिए ₹1000 से ₹2000 तक की मांग किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं।

गौरतलब है कि शासन पहले ही सरकारी कार्यालयों में निजी कंप्यूटर ऑपरेटरों से सरकारी कार्य कराए जाने पर रोक लगा चुका है। इसके बावजूद यदि ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी नियमों और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं।
 प्रभारी जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए अपर जिलाधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही है।

अब जनपदवासियों की निगाहें प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

(नोट: यह समाचार शिकायतों और आरोपों पर आधारित है। प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि होगी।)

शाहजहांपुर से अजय सिंह की  रिपोर्ट

Post a Comment

Previous Post Next Post