संवाददाता प्रभाकर यादव
अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण में संत मंडल खुलकर चंपत राय के साथ आया। हजारा मंदिर में हुई बैठक में संतों ने साफ कहा, एसआईटी जांच पूरी होने तक महासचिव चंपत राय का इस्तीफा मंजूर न किया जाए। संतों का तर्क है कि चंपत राय 1993 से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हैं, ऐसे में बिना जांच दोषी मान लेना ठीक नहीं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी से आय-व्यय का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने को भी कहा गया। संत मंडल ने माना कि दान राशि को लेकर लगे आरोप गंभीर हैं, पर फैसला एसआईटी रिपोर्ट के बाद ही होना चाहिए।रामभक्तों से अपील की गई कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच तक संयम रखें। बैठक में महंत शशिकांत दास, राजीव लोचन, वैदेही वल्लभ शरण सहित कई संत मौजूद रहे।
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