वाराणसी केंद्रीय विद्यालय आयर से जुड़े चर्चित शिक्षक उत्पीड़न और एससी/एसटी एक्ट मामले में अदालत ने तीन आरोपित शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए नियमित जमानत प्रदान कर दी है।
एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश सुधाकर राय
की अदालत ने आरोपी संजय कुमार, दिनेश चन्द्र और प्रशांत शुक्ला को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र एवं समान राशि के दो-दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत ने जमानत देते हुए स्पष्ट किया कि सभी आरोपी विचारण (ट्रायल) में पूरा सहयोग करेंगे तथा किसी भी गवाह को प्रभावित, भयभीत या आतंकित करने का प्रयास नहीं करेंगे।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह और कमलेश सिंह ने अदालत में प्रभावी पैरवी की।
क्या है पूरा मामला
मामला केंद्रीय विद्यालय आयर में तैनात एक अनुसूचित जाति वर्ग के शिक्षक की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य अभिषेक त्रिपाठी* सहित अन्य शिक्षकों ने एक समूह बनाकर उनके साथ जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न किया।
आरोपों के अनुसार अप्रैल 2023 में शिकायतकर्ता के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां की गईं तथा उन्हें विद्यालय परिसर में हैंडपंप से पानी पीने से भी रोका गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें कक्षा-2 के कमरे में ले जाकर मारपीट की गई और गला दबाने का प्रयास किया गया।
इन आरोपों के आधार पर पीड़ित शिक्षक ने अदालत में धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था। अब अदालत से तीन आरोपित शिक्षकों को जमानत मिलने के बाद मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी और ट्रायल के दौरान आरोपों की सत्यता पर न्यायिक परीक्षण होगा।
संवाददाता शुभाष तिवारी
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