मुंबई: कफ परेड पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक नए और बेहद शातिर ठगी के तरीके का पर्दाफाश करते हुए झारखंड के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर ठगी से हासिल रकम को म्यूल बैंक खातों के बजाय भारी बकाया वाले क्रेडिट कार्ड के बिल भरने में इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बाद क्रेडिट कार्ड धारकों से कमीशन देकर नकद रकम वापस ले ली जाती थी।
यह मामला 5.44 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा है, जिसमें आरोपियों ने खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताकर पीड़ित के मोबाइल में एक फर्जी APK फाइल इंस्टॉल करवाई और बैंकिंग जानकारी हासिल कर रकम उड़ा ली। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर झारखंड के गोविंद मंडल और मदन साव उर्फ साहू को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से विभिन्न लोगों के 26 क्रेडिट कार्डों की जानकारी, बैंकिंग लेन-देन, व्हाट्सएप चैट, ऑडियो क्लिप और देशभर के क्रेडिट कार्ड धारकों का डेटा बरामद हुआ है। पुलिस का कहना है कि यह साइबर अपराधियों द्वारा अपनाया गया नया मॉडस ऑपरेंडी है, जिससे ठगी की रकम को ट्रैक करना और रोकना अधिक कठिन हो गया है।
फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि जामताड़ा के दो अन्य आरोपी समेत कई साथी अभी फरार हैं। मामले की आगे की जांच कफ परेड पुलिस की साइबर टीम कर रही है।
संवाददाता जावेद शेख
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