ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हुआ और भी कठिन और महंगा आम जनता की जेब पर सीधा डाका ट्रेनिंग के नाम पर मोटी वसूली




शाहजहांपुर। कांट-जलालाबाद मार्ग पर स्थित 'प्रत्यापन चालन प्रशिक्षण केन्द्र' ने फीस का ऐसा 'करंट' दिया है जिससे आम आदमी की चीख निकल गई है। अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को इतना महंगा कर दिया गया है कि एक गरीब और मध्यमवर्गीय व्यक्ति के लिए यह सपना बनता जा रहा है। कार सीखने और लाइसेंस प्रक्रिया के नाम पर 6,000 रुपए और हैवी गाड़ियों के लिए सीधे 10,000 रुपए की भारी-भरकम फीस वसूली जा रही है। टैक्स के नाम पर जनता को कानूनी रूप से लूटा जा रहा है। 

नियामतपुर से कांट की दूरी, जनता को फुटबाल बनाने की तैयारी.

प्रशासन की अजीबोगरीब कार्यप्रणाली देखिए नियामतपुर में आरटीओ ऑफिस संचालित है और वहां से मीलों दूर कांट-जलालाबाद मार्ग पर ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बना दिया गया है। आम आवेदक एक कागज के लिए नियामतपुर भागेगा तो टेस्ट देने के लिए कांट मार्ग की धूल फाकेगा। अलग-अलग स्थानों की इस दूरी ने जनता के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का नया रास्ता खोल दिया है। आखिर जनता का समय और पेट्रोल फूंकने के पीछे क्या मंशा है....?

दलालों की चांदी और भ्रष्टाचार का नया 'हाईवे' तैयार.

दो अलग-अलग ठिकानों के इस मकड़जाल से सबसे ज्यादा खुशी बिचौलियों और दलालों में है। जब व्यवस्था इतनी पेचीदा और थकाऊ होगी, तो आम आदमी मजबूर होकर दलालों की शरण में जाएगा। नियम सुधारने के नाम पर लिया गया यह फैसला धरातल पर भ्रष्टाचार को खत्म करने के बजाय उसे 'पंख' लगाने का काम करेगा। दफ्तरों के बीच की यह दूरी सीधे-सीधे रिश्वतखोरी को नया बढ़ावा देगी। 

जिलाधिकारी महोदय से अंतिम उम्मीद, क्या जनता की कसौटी पर खरे उतरेंगे..

शाहजहांपुर की जनता अभी भी पूरी तरह हताश नहीं हुई है। लोगों को अपने जनप्रिय जिलाधिकारी महोदय की ईमानदारी और कार्यशैली पर पूरा भरोसा है। जनता को उम्मीद है कि 'जीरो टॉलरेंस' का नारा देने वाले मुखिया इस गंभीर मामले का खुद संज्ञान लेंगे। आरटीओ दफ्तर और टेस्टिंग ट्रैक की इस दूरी व भारी-भरकम फीस के खेल को खत्म कर जनता को राहत दिलाएंगे। इस जनविरोधी फैसले और दोहरी व्यवस्था पर तुरंत रोक लगनी चाहिए, अब देखना यह है कि जिलाधिकारी महोदय इस जनविरोधी व्यवस्था को बदलकर जनता की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, या फिर यह अव्यवस्था यूं ही चलती रहेगी।

शाहजहांपुर से अजय सिंह की खास रिपोर्ट 


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