चन्दौली। जनपद की साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सत्कार निधि लिमिटेड कंपनी की आड़ में साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करने वाले गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन तथा दो कूटरचित (फर्जी) आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने मुगलसराय-सकलडीहा स्टैंड के पास से सतीश राय और शेखर कुशवाहा को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लोगों को निवेश एवं वित्तीय योजनाओं का झांसा देकर ठगी करते थे।
पुलिस जांच में पता चला कि ठगी से प्राप्त धनराशि विभिन्न बैंक खातों और कंपनी खातों में जमा कराई जाती थी। बाद में रकम निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। साइबर अपराध से अर्जित धनराशि आरोपियों के निजी खातों में भी ट्रांसफर की जाती थी, जिनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने और अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने अपने फोटो लगे फर्जी आधार कार्ड तैयार कर रखे थे, जिनमें नाम और पते गलत दर्ज थे।
गिरफ्तार आरोपियों में सतीश राय निवासी झांसी (मूल निवासी सागर, मध्य प्रदेश) तथा शेखर कुशवाहा निवासी भोगवार, अलीनगर (मूल निवासी मारुफपुर, बलुआ, चन्दौली) शामिल हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक सदर ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर निवेश, लोन अथवा अन्य वित्तीय लाभ के नाम पर धनराशि जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्रवाई में निरीक्षक हरिनारायण पटेल, उपनिरीक्षक मिर्जा रिजवान बेग, कांस्टेबल मनोज चौहान एवं कांस्टेबल संदीप कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संवाददाता एम.एस. जाबिर
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