नवजात बदलने के आरोप से मचा बवाल: रेनबो हॉस्पिटल पर उठे गंभीर सवाल आखिर सच क्या है



संवाददाता अमित तिवारी 

आजमगढ़। जिले के चर्चित रेनबो हॉस्पिटल में नवजात बच्चे को बदले जाने के आरोप ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। एक तरफ परिजनों का आरोप है कि उनका बेटा बदलकर बच्ची दे दी गई, तो दूसरी ओर बाद में दिए गए बयानों और पुलिस के स्पष्टीकरण ने इस पूरे मामले को और रहस्यमयी बना दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सच क्या है — नवजात बदलने की घटना हुई, या फिर यह सिर्फ अफवाह थी?
मामला सिधारी थाना क्षेत्र स्थित रेनबो हॉस्पिटल का है। शहर कोतवाली क्षेत्र के आसिफगंज निवासी कमलेश वर्मा के अनुसार उनकी पत्नी ने 12 मई को बलिया जिला महिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद नवजात की हालत बिगड़ने पर उसी शाम बच्चे को उपचार के लिए आजमगढ़ के रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसे एनआईसीयू वार्ड में रखा गया।
परिजनों का आरोप है कि 27 मई को जब अस्पताल कर्मियों ने बच्चे को उसकी मां को दिखाया, तब उन्हें पता चला कि बेटा की जगह बच्ची है। यह देखते ही परिवार के होश उड़ गए और अस्पताल परिसर में भारी हंगामा शुरू हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पैसों के लेनदेन के चलते बच्चों की अदला-बदली की गई है। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। बताया जा रहा है कि देर रात अस्पताल के मैनेजर शशि पांडेय, बच्चे के पिता कमलेश वर्मा और अन्य लोग कंचनपुर, रासेपुर बोंगरिया गांव पहुंचे, जहां से कथित रूप से नवजात बच्चे को वापस लाया गया। इसके बाद आजमगढ़ पुलिस की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि दोनों बच्चों को उनके-उनके परिजनों को सौंप दिया गया है और स्थिति सामान्य है।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जिस पिता ने पहले खुलेआम बच्चे को बदले जाने का आरोप लगाया था, उसी ने बाद में बयान बदलते हुए कहा कि अस्पताल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। दूसरी ओर पुलिस यह कह रही है कि दोनों परिवारों को उनके बच्चे सौंप दिए गए। वहीं एक पक्ष अस्पताल प्रशासन के समर्थन में उतर आया और पूरे मामले को महज अफवाह बताने लगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि मामला अफवाह था, तो अस्पताल में घंटों हंगामा क्यों हुआ? आखिर वह कौन सा सच है, जो सामने नहीं आ पा रहा? क्या पहले दिया गया बयान सही था, या फिर बाद में दबाव में कहानी बदल दी गई? पुलिस का बयान, पिता का बदला हुआ बयान और अस्पताल समर्थकों की दलील — इन सबके बीच सच्चाई कहीं उलझकर रह गई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल प्रबंधन और नवजात सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल शहर में इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक बड़ा खुलासा और हर रहस्य से पर्दा उठाने वाली विशेष रिपोर्ट कल प्रकाशित की जाएगी।

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