शाहजहांपुर। शहर में जाम की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जा रहे डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह भी जाम में फंस गए। जबकि वहां पुलिस नदारद रही। कुछ देर बाद जब कोतवाली पुलिस को भनक लगी तो आनन-फानन में मौके पर जाकर जाम खुलवाया गया।
वैसे तो शहर में जाम लगना आम बात हो गई। अतिक्रमण व सड़क के दोनों तरफ बेतरतीब वाहन खड़े होने की वजह से आये दिन जाम लग रहा हैं लेकिन नगर निगम #प्रशासन से लेकर यातायात पुलिस तक इसको लेकर ध्यान नहीं दे रही है।
तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जा रहे थे डीएम
चौक कोतवाली व उसके आस-पास की स्थिति तो और भी ज्यादा खराब है। कोतवाली के ठीक सामने सदर तहसील है, जिस वजह से वहां बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहती है लेकिन उसके बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह पूर्वाह्न करीब 11 बजे चार खंभा की तरफ से सदर तहसील जा रहे थे।
जाम लगने के बाद पहुंचीं चौक कोतवाली पुलिस, आए दिन लग रहा जाम
तहसील से कुछ दूर पहले ही जाम में उनकी गाड़ी फंस गई। उनके एस्कार्ट ने जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन सफल्ता नहीं मिली। जाम में डीएम की गाड़ी फंसने की सूचना जब कोतवाली पुलिस को लगी तो अपराध निरीक्षक पवन शर्मा समेत कई पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। जैसे-तैसे डीएम की गाड़ी को निकलवाया गया। यह स्थिति सिर्फ इस मार्ग की नहीं बल्कि शहर के अधिकांश मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेपटरी है।
एक दिन में ही ध्वस्त हुई व्यवस्था
कचहरी तिराहे से पुलिस आफिस तक सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन खड़े होते हैं। गत सप्ताह एएसपी सिटी देवेंद्र कुमार व नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र सिंह स्वयं ही व्यवस्था ठीक कराने पहुंचे थे लेकिन एक ही दिन में फिर पुराने ढर्रे पर व्यवस्था शुरू हो गई। जबकि यहां हर समय पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी रहती है।
जाम लगने वाले स्थानों पर यातायात पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती है।जिन क्षेत्रों में पार्किंग की सुविधा है वहां वाहन खड़े कराने का प्रयास भी किया जा रहा है। सफेद पट्टी के बाहर जो वाहन खड़े होते हैं उनके चालान भी कराए जा रहे हैं। -संजय सिंह, सीओ यातायात।
अजय सिंह की रिपोर्ट शाहजहांपुर
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