पेट्रोल-डीजल का ‘संकट’: अफवाह या सच्चाई जनता बेहाल, प्रशासन खामोश




शाहजहांपुर जनपद के काँट क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की कथित कमी को लेकर मचा हड़कंप अब एक बड़े जनसंकट का रूप लेता जा रहा है। सोशल मीडिया पर उड़ी अफवाहों ने हालात ऐसे बिगाड़ दिए कि पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। लोग घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई पेट्रोल पंप संचालकों ने मनमाने तरीके से नियम लागू करते हुए बाइक सवारों को केवल ₹100 तक का ही पेट्रोल देना शुरू कर दिया। इससे आम जनता में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि न तो कोई आधिकारिक घोषणा हुई है और न ही प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है, फिर भी इस तरह की पाबंदियां क्यों लगाई जा रही हैं?सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जब इस पूरे मामले पर जिला पूर्ति अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। संकट की घड़ी में जिम्मेदार अधिकारी का जवाब न देना जनता के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है, जिससे अफवाहों को और बल मिल रहा है। अगर जल्द ही स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो यह संकट और गहरा सकता है।वही जनता का सवाल सीधा है:क्या यह वास्तव में पेट्रोल-डीजल की कमी है या फिर प्रशासन की नाकामी और अफवाहों का खेल?अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब जागता है और जनता को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


अजय सिंह की  रिपोर्ट शाहजहांपुर

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