वाराणसी उत्तर प्रदेश एसटीएफ और वाराणसी पुलिस पिछले 18 वर्षों से शातिर अपराधी विश्वास नेपाली की तलाश में जुटी है। पुलिस के पास उसकी पहचान के लिए महज एक पुरानी तस्वीर है, जिसके आधार पर उसकी घेराबंदी की जा रही है।
अंडरवर्ल्ड कनेक्शन और बढ़ता ग्राफ
सूत्रों के अनुसार, जेल में अन्नू त्रिपाठी और बंशी यादव की हत्या के बाद नेपाली का प्रभाव कुछ कम हुआ था, लेकिन उसने माफिया मुन्ना बजरंगी गैंग का हाथ थामकर दोबारा अपनी सक्रियता बढ़ाई। इसके बाद वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में उसका आपराधिक ग्राफ तेजी से बढ़ा।
तकनीक से दूरी बनी चुनौती
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि विश्वास नेपाली आधुनिक तकनीक और मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता। साल 2012 में गिरफ्तार हुए अपराधी ऋषि पंडित ने पूछताछ में खुलासा किया था कि नेपाली अपने पास मोबाइल नहीं रखता, जिससे उसे ट्रैक करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
पुलिस की बड़ी कामयाबी 150 दिनों में 50 इनामी बदमाश गिरफ्तार
वाराणसी जोन अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में जोन की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पिछले 5 महीनों (150 दिन) के भीतर कुल 50 इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
जिलेवार गिरफ्तारी के आंकड़े
चंदौली: सबसे ज्यादा 33 बदमाश गिरफ्तार।
गाजीपुर: 14 बदमाशों की हुई गिरफ्तारी।
जौनपुर: 03 इनामी बदमाश पकड़े गए।
गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अपराधियों में इनामी बदमाश, गैंगस्टर एक्ट के आरोपी, पशु व शराब तस्कर और चिह्नित माफिया शामिल हैं। वर्तमान में जोन में गैंगस्टर एक्ट के तहत 44 बदमाशों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से अब तक नौ की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह जीरो-टोलरेंस की नीति आगे भी जारी रहेगी।
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