संवाददाता जाबिर शेख
आजमगढ़ महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिर गया है गोरखपुर विजिलेंस टीम की छापेमारी में रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात स्टेनो संजय यादव को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया इस कार्रवाई ने विश्वविद्यालय में चल रहे कथित रिश्वत रैकेट की परतें खोल दी हैं सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह वसूली रजिस्ट्रार के नाम पर की जा रही थी, जिससे उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है सवाल उठ रहा है कि क्या यह पूरा खेल बिना उच्च स्तर की मिलीभगत के संभव था?
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