मुंबई में आज जुमा नमाज़ के बाद एक रूहानी और मुबारक तकरीब का आयोजन किया गया, जिसमें "आलमी यौमे दरूद” के पोस्टर का बाकायदा विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम हांडी वाली मस्जिद में आयोजित हुआ, जहां दरूद-ओ-सलाम की सदाओं ने माहौल को पूरी तरह से नूरानी बना दिया।
इस खास मौके पर पोस्टर का विमोचन अलहाज मोहम्मद सईद नूरी, मौलाना एजाज अहमद कादरी कश्मीरी और अलहाज मोहम्मद आरिफ रिज़वी के मुबारक हाथों से किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलमा-ए-कराम और आम लोग मौजूद रहे, जिन्होंने कसरत के साथ दरूद-ए-पाक पढ़कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया।
जारी किए गए पोस्टर में यह जानकारी दी गई कि नबी-ए-रहमत, हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत 20 अप्रैल 571 ईस्वी को हुई थी। इसी मुबारक दिन की याद में हर साल 20 अप्रैल को "आलमी यौमे दरूद" के तौर पर मनाया जाता है।
इस अवसर पर तमाम आशिकान-ए-रसूल से दिली अपील की गई कि वे इस बरकत वाले दिन अपनी-अपनी मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों, घरों, दुकानों और दफ्तरों में कसरत के साथ दरूद-ओ-सलाम पढ़ें और इस मुबारक दिन को पूरी अकीदत के साथ मनाएं।
उलमा-ए-कराम ने यह अहद भी दोहराया कि 20 अप्रैल को हर तरफ दरूद-ओ-सलाम की आवाजें बुलंद की जाएंगी, ताकि अपने आका सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मोहब्बत और वफादारी का अमली सबूत पेश किया जा सके।
संवाददाता जावेद शेख।
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