उत्तर प्रदेश गोंडा जिले में एक दर्दनाक हादसे ने बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से 35 वर्षीय रंजीत तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों में कोहराम छा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने तत्काल सख्त कदम उठाए। रविवार को दो कर्मचारियों—लाइनमैन दिनेश यादव और टेक्नीशियन अभिषेक रंजन—को निलंबित कर दिया गया, जबकि संविदाकर्मी अशोक विश्वकर्मा का स्थानांतरण कर दिया गया है। साथ ही संबंधित जेई कुलदीप यादव और एसडीओ भरत सिंह को चार्जशीट जारी कर जवाब तलब किया गया है।
देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि खराब अनुरक्षण कार्यों के चलते हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरा, जिससे यह दुखद हादसा हुआ। अधिकारियों के अनुसार, यदि समय रहते पेड़ों की कटाई-छंटाई और लाइन का सही रखरखाव किया गया होता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
इससे पहले शनिवार को विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी, जिसमें अनुरक्षण कार्यों में भारी खामियां पाई गईं। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि लापरवाही ही इस हादसे की मुख्य वजह बनी।
अब विभाग ने सुधार के लिए कदम उठाते हुए छह नए बिजली पोल लगाने की स्वीकृति दी है और करीब एक किलोमीटर नई लाइन बिछाने का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा।
इस घटना को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बताया जा रहा है कि लगातार मीडिया में उठ रहे सवालों के बाद शासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सवाल यह है कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत आम जनता अपनी जान देकर चुकाती रहेगी?
प्रहारी मुम्बई न्यूज यूपी पत्रकार अंकित कुमार शर्मा
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