संवाददाता जाबिर शेख
आजमगढ़ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने आज मंडलीय कारागार का नियमित निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कारागार चिकित्सालय, विभिन्न बैरकों एवं भर्ती मरीजों का अवलोकन किया तथा कैदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और निर्देश दिए कि सभी कैदियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। शुगर एवं उच्च रक्तचाप से ग्रसित कैदियों की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर देते हुए चिकित्सकों को सुबह-शाम जांच एवं दवा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, वहीं कुछ स्थानों पर मच्छरों एवं मक्खियों की समस्या पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से फिनाइल से सफाई, फॉगिंग एवं स्प्रे कराने के निर्देश दिए गए, ताकि संचारी रोगों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। साथ ही सीएमओ ने कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित काउंसिलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा प्रत्येक माह प्रशिक्षित काउंसलर की सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही।
सीएमओ ने दिव्यांग कैदियों के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही और कहा कि जेल में ही प्रमाणपत्र बनाए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान 7-8 दिव्यांग कैदियों का परीक्षण करते हुए डॉ. वर्मा ने निर्देश दिए कि जिन कैदियों के पास दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं हैं, उनके लिए तत्काल ऑनलाइन आवेदन कराया जाए तथा शीघ्र ही एक विशेष मेडिकल टीम कारागार भेजी जाएगी, जो मौके पर ही दिव्यांग प्रमाणपत्र तैयार करेगी, जिससे पात्र कैदियों को योजनाओं का लाभ मिल सके निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाशरण पांडेय साथ रहे तथा डिप्टी जेलर द्वारा निरीक्षण में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।
अंत में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कारागार में स्थापित चिकित्सकों एवं समस्त मेडिकल स्टाफ को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कैदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार एवं दवा वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, सभी मरीजों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए तथा स्वच्छता मानकों का पूर्णतः पालन किया जाए, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
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