गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय मोहम्मद मुमताज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस मामले में बसपा नेता अब्दुल राजिक उस्मानी समेत तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन घटना के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश है।
परिजनों का आरोप चुनावी रंजिश और जमीन विवाद बना मौत की वजह
मृतक के भाई मोहम्मद अयाज ने आरोप लगाया है कि बसपा नेता अब्दुल राजिक उस्मानी, मोहम्मद फिरोज और फहीमुल हक उस्मानी के साथ उनका लंबे समय से चुनावी रंजिश और जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि ये लोग आए दिन झूठे मुकदमों और धमकियों से मुमताज को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
1 अप्रैल को दी गई धमकी, घर पहुंचकर गाली-गलौज
परिजनों के अनुसार, 1 अप्रैल को आरोपी घर पहुंचे और मुमताज को गालियां देते हुए अपमानित किया तथा जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से मुमताज गहरे सदमे में थे और उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी।
4 अप्रैल को अस्पताल में मौत, साजिश का आरोप
4 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने पर मुमताज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि आरोपियों की साजिश और प्रताड़ना का नतीजा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारण अस्पष्ट, विसरा जांच जारी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। शव का विसरा जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस का बयान – जांच जारी, जल्द होगी गिरफ्तारी
नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
⚠️ बड़ा सवाल: आखिर कब होगी आरोपियों की गिरफ्तारी? क्या पीड़ित परिवार को मिलेगा इंसाफ या यूं ही चलता रहेगा इंतजार?
✍️ प्रहारी मुंबई न्यूज यूपी
पत्रकार – अंकित कुमार शर्मा
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