गोंडा, जिले में हुए चर्चित यूपी कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नगर कोतवाली पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी मोहम्मद असलम को गिरफ्तार कर लिया है, जो पिछले 88 दिनों से पुलिस की पकड़ से बाहर था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से उसे न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।
यह मामला यूपी कोऑपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा से जुड़ा है, जहां करीब 21.47 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने बैंक कर्मचारियों और कुछ खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
आरोप है कि बैंक की नीतियों, आरबीआई और नाबार्ड के नियमों को नजरअंदाज करते हुए कई खातों में फर्जी तरीके से ऋण स्वीकृत किए गए। इतना ही नहीं, कई खाताधारकों की चेकबुक और जरूरी दस्तावेज अपने पास रखकर उनके नाम पर ऋण निकालकर धन का दुरुपयोग किया गया।
इस मामले में 2 जनवरी को बैंक के मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती की ओर से 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अब तक पुलिस 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
हालांकि, इस बड़े घोटाले में अभी भी 10 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 205 खाताधारकों और पांच बचत खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन कर फर्जीवाड़ा किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
प्रहारी मुम्बई न्यूज यूपी पत्रकार अंकित कुमार शर्मा
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