लखनऊ में पकड़े गए महाराष्ट्र के दो बड़े ड्रग तस्कर केमिकल से बनाते थे नकली ब्राउन शुगर, नेपाल भागने का था प्लान



संवाददाता जाबिर शेख 

लखनऊ  UP STF और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को चारबाग रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर दो शातिर तस्करों, भावेश चौहान और शोएब अशरफ को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी महाराष्ट्र के मीरा-भायंदर वसई-विरार क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक बड़े मामले में वांछित थे.
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए. गिरोह बाजार में मिलने वाले सामान्य केमिकल का मिश्रण कर नकली ब्राउन शुगर तैयार करता था और उसे असली बताकर ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था.
मुंबई से हुए थे फरार  आरोपी पिछले 4, 5 सालों से इस धंधे में सक्रिय थे और उनका नेटवर्क महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में फैला हुआ है. 5 फरवरी 2026 को वसई-विरार में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ पकड़े जाने के बाद दोनों मुंबई छोड़कर फरार चल रहे थे.
चारबाग टेम्पो स्टैंड के पास बिछाया जाल : महाराष्ट्र पुलिस के सहायक पुलिस निरीक्षक यशपाल सूर्यवंशी ने लखनऊ एसटीएफ मुख्यालय से सहयोग मांगा था. एसटीएफ डीएसपी धर्मेश कुमार शाही के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली कि आरोपी चारबाग टेम्पो स्टैंड पर मौजूद हैं और वहां से निकलने की कोशिश में हैं. आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मुंबई से भागकर लखनऊ आए थे और यहां से सड़क मार्ग या ट्रेन के जरिए नेपाल सीमा पार करने की योजना बना रहे थे.
 ट्रांजिट रिमांड पर ले जाएगी महाराष्ट्र पुलिस : गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र पुलिस दोनों तस्करों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है. एसटीएफ अब यह भी पता लगा रही है कि लखनऊ में रुकने के दौरान इन्होंने किन स्थानीय लोगों से मदद ली थी और क्या राजधानी में भी इनका कोई छोटा नेटवर्क सक्रिय है।

2,,रेलवे का बड़ा झटका 1 अप्रैल से बदल जाएंगे टिकट कैंसिल करने के नियम, जेब पर पड़ेगा भारी असर

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने अपने करोड़ों यात्रियों को बड़ा झटका देते हुए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में आमूलचूल बदलाव करने का निर्णय लिया है. रेल मंत्रालय द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, कन्फर्म टिकट कैंसिल कराने पर अब यात्रियों की जेब पर पहले से कहीं अधिक बोझ पड़ेगा. इन नियमों को लागू करने का मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी और आखिरी वक्त पर होने वाली कैंसिलेशन की 'होल्डिंग' को रोकना है.
चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे नियम
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों (Steps) में लागू किए जाएंगे. इसका सीधा अर्थ है कि अप्रैल के मध्य तक पूरे देश में नई रिफंड नीति पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी.
समय के आधार पर तय होगा रिफंड
नए नियमों की सबसे खास बात यह है कि आप ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट रद्द करते हैं, उसी के आधार पर रिफंड की राशि तय होगी. जैसे-जैसे ट्रेन के प्रस्थान का समय नजदीक आएगा, जुर्माना उतना ही सख्त होता जाएगा.
72 घंटे से अधिक समय
यदि आप यात्रा से 72 घंटे (3 दिन) पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको अधिकतम रिफंड मिलेगा. इस स्थिति में केवल न्यूनतम निर्धारित फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज ही काटा जाएगा.
72 से 24 घंटे के बीच
यदि टिकट ट्रेन छूटने से 72 घंटे से कम और 24 घंटे से पहले कैंसिल किया जाता है, तो कुल किराए का 25% हिस्सा काट लिया जाएगा. साथ ही न्यूनतम शुल्क भी लागू होगा.

24 से 8 घंटे के बीच
सबसे बड़ा बदलाव इसी श्रेणी में है. अब ट्रेन प्रस्थान से 24 घंटे से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर सीधे 50% किराया काट लिया जाएगा. पहले यह नियम 12 से 4 घंटे के बीच हुआ करता था.
8 घंटे से कम समय
रेलवे ने अब 'लास्ट मिनट' रिफंड की सुविधा लगभग खत्म कर दी है. यदि ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम का समय बचा है, तो टिकट कैंसिल कराने पर शून्य (Zero) रिफंड मिलेगा. पहले यात्रियों को 4 घंटे पहले तक कुछ रिफंड मिल जाता था, लेकिन अब यह समय सीमा बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है.
यात्रियों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सख्ती से उन लोगों को फायदा होगा जो वास्तव में यात्रा करना चाहते हैं, क्योंकि अब लोग बेवजह टिकट बुक करके आखिरी समय तक होल्ड नहीं करेंगे. हालांकि, अचानक आपात स्थिति में यात्रा रद्द करने वाले आम यात्रियों के लिए यह आर्थिक रूप से नुकसानदेह साबित होगा.
रेलवे का कहना है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए टी-डी-आर (TDR) की प्रक्रिया को भी और सरल बनाया जा रहा है, ताकि वैध कारणों से यात्रा न कर पाने वालों को राहत मिल सके।

3,,गोरखपुर में 100 करोड़ का साइबर महाघोटाला बेनकाब फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर जनता से ठगी होटल से चल रहा था ठगों का ‘वार रूम

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने ठगी की दुनिया में हैरान कर देने वाला रिकॉर्ड बना दिया। यह गिरोह ऑनलाइन निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को झांसा देकर अब तक करीब 1 अरब रुपये (100 करोड़ रुपये) की ठगी कर चुका है।
रामगढ़ ताल थाना पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में शहर के एक नामचीन होटल में छापेमारी कर गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी होटल को अपना ऑपरेशन बेस बनाकर नए लोगों को फंसाने की साजिश रच रहे थे फर्जी खातों और क्रिप्टो के जरिए खेला गया 100 करोड़ का खेल
प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरोह ने:
फर्जी और किराए के बैंक खातों का जाल बिछाया
उन्हीं खातों के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया
ठगी की रकम को तुरंत क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर ट्रेसिंग से बचने की कोशिश की
इस हाईटेक तरीके से ठगी को अंजाम देकर आरोपी लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचते रहे ऐसे फंसाते थे शिकार
गिरोह का मास्टरमाइंड बेहद शातिर तरीके से लोगों को जाल में फंसाता था:
सोशल मीडिया और कॉल के जरिए संपर्क घर बैठे मोटा मुनाफा” का लालच
फॉरेक्स ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर भरोसा शुरुआती छोटे मुनाफे दिखाकर बड़े निवेश के लिए उकसाना
फिर अचानक पूरा पैसा गायब
होटल बना था ठगी का ‘कंट्रोल रूम’
पुलिस के अनुसार, आरोपी गोरखपुर के एक बड़े होटल में ठहरकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। यहीं से कॉल, ट्रांजैक्शन और नए शिकार फंसाने की रणनीति बनाई जाती थी।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है। साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार किन-किन राज्यों और देशों तक जुड़े हुए हैं।

4,,बड़ा राजनीतिक अपडेट: लोकसभा सीटों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की तैयारी
सरकार लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव ला सकती है।
इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी (लगभग 33%)।
क्या बदल सकता है 2029 चुनाव में?
 कुल सीटें: 543 से बढ़कर 816
 महिलाओं के लिए आरक्षण: एक-तिहाई सीटें बड़े राज्यों में संभावित बदलाव:
उत्तर प्रदेश: 80 से 120 (40 महिलाओं के लिए)
महाराष्ट्र: 48 से 72 (24 महिलाओं के लिए)
पश्चिम बंगाल: 42 से 63 (21 महिलाओं के लिए)
बिहार: 40 से 60 (20 महिलाओं के लिए)
तमिलनाडु: 39 से 59 (20 महिलाओं के लिए)
मध्य प्रदेश: 29 से 44 (15 महिलाओं के लिए)
मतलब साफ है कि 2029 का चुनाव नए राजनीतिक समीकरण के साथ हो सकता है।

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