बांदा जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बांदा-झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर मटौंध थाना क्षेत्र में दो ट्रेलरों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते लपटें 15 फीट तक उठने लगीं।
गेट लॉक बना मौत की वजह
हादसे के बाद ट्रेलरों के गेट लॉक हो गए, जिससे अंदर बैठे ड्राइवर और खलासी बाहर नहीं निकल सके। आग की चपेट में आने से तीन लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
एक युवक ने कूदकर बचाई जान
हादसे में घायल खलासी अभिषेक ने बताया कि वह ट्रेलर के पीछे बैठा था, इसलिए मौका मिलते ही कूदकर अपनी जान बचा ली। लेकिन ड्राइवर अंदर ही फंसा रह गया और बाहर नहीं निकल सका।
दमकल ने एक घंटे बाद पाया काबू
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया गया। शवों को बुरी तरह जलने के कारण पहचान मुश्किल हो गई थी, जिन्हें बाद में पॉलिथीन में भरकर बाहर निकाला गया।
2 घंटे तक लगा रहा जाम
हादसे के चलते हाईवे पर करीब 2 घंटे तक लंबा जाम लगा रहा, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ।
मृतकों की पहचान
सुरेश पांडेय (सुल्तानपुर)
सूरज नाथ (आजमगढ़)
शनि (30 वर्ष)
हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, अंधेरा और तेज हेडलाइट को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
सीख:
यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि हाईवे पर जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। सुरक्षित ड्राइविंग ही जिंदगी की सबसे बड़ी गारंटी है।
✍️ प्रहारी मुम्बई न्यूज यूपी पत्रकार: अंकित कुमार शर्मा
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