सरायमीर (आजमगढ़) 5 जून। जयगुरुदेव आश्रम खानपुर के वार्षिक सत्संग के अंतिम दिन परम संत बाबा जयगुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी एवं संस्थाध्यक्ष महाराज पंकज जी ने सत्संग पर प्रकाश डाला।
परम संत बाबा जयगुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी एवं संस्थाध्यक्ष ने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डालते हुये कहा कि सन्तों महात्माओं के सत्संग में कभी किसी जाति - बिरादरी या व्यक्ति विशेष की निन्दा चुगली नहीं की जाती। यहां तो प्रभु के भजन भक्ति की प्रेरणा दी जाती है और शौक पैदा किया जाता है। अनमोल मनुष्य शरीर परमात्मा ने सबको इसलिये दिया है कि इसमें रहकर किसी प्रभु की प्राप्ति करने वाले सन्त महात्मा की खोज करके अपनी आत्मा का कल्याण कर लें। सन्तों ने मनुष्य शरीर को सच्चा हरि मन्दिर बताया है। फकीरों ने इसे कुदस्ती काबा कहा, ईसामसीह साहब ने इसे परमात्मा का जीता जागता मन्दिर कक्षा है। इस कलयुग में सन्त सतगुरुओं ने साधना के तीन अंग बताया। पहला सुमिरन दूसरा ध्यान तीसरा वजन उन्होंने गृहस्थ आश्रम में रहकर प्रभु प्राप्ति की साधना के लिये नामदान दिया तथा साधना की विधि समझाई।
महाराज जी ने प्रश्न करते हुये कहा कि क्या आपको मालूम है कि जन्म लेने के पहले आप कहाँ थे? मृत्यु के बाद आप कहाँ जायेंगे? रिश्तेदार व अन्य लोग कहाँ जा रहे है? उनकी क्या दशा होती है? यह मानव जीवन का एक जटिल प्रश्न है। इस पर सभी को विचार करना चाहिये। पैदा होने से पहले हम सबने भगवान के भजन करने का वादा किया था लेकिन यहाँ आकर शराबों, कबाब व ऐशो इशस्त में सुख ढूढ़ने लगे चरित्र पतन जैसे कार्यों को करते हुये सुख कैसे
मिलेगा? इसलिये आप सब पहले इन्सान बनें मानवतावादी बने निस्वार्थ बाव से एक-दूसरे की सेवा करें महात्मा जो दया का प्रसाद दें, उसे लेकर आत्मा का कल्याण
करें।
उन्होंने आगे कहा कि संस्थाध्यक्ष ने आगामी 1 15 जुलाई तक जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में होने वाले गुरुपूर्णिमा पर्व पर पधारने के लिये सभी वर्ग के लोगों को सादर आमन्त्रण भी दिया। उन्होंने बताया आगरा-दिल्ली बाईपास रोड, मथुरा पर वरदानी मन्दिर है जहाँ एक बुराई चढ़ाने पर एक मनोकामना की पूर्ति होती है यहां सभी धर्म के लोग आते हैं। ऐसा ही भव्य मन्दिर जयगुरुदेव जन्मभूमि खितौरा जिला इटावा में भी बना है। इस कार्यक्रम में शांति व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस प्रशासन का की विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चन्द्र जिलाध्यक्ष राम चरन यादव, राम सकल पाल, डा. जेपी यादव गिरीश चन्द्र यादव कामता प्रसाद किंस राज यादव, बघू जी क्षेत्रीय गणमान्य जन के अलावा संस्था के महामन्त्री बाबूराम यादव के साथ साथ हजारों भक्त मौजूद रहे
मोहम्मद यासिर सरायमीर रिपोर्टर
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